ज़िन्दगी के अलग-अलग पड़ाव पर हमें बहुत से अलग-अलग चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. क्यूंकि ज़िन्दगी किसी कि भी हो, आसान नहीं होती। कोई न कोई समस्या हर किसी की लाइफ में बनी रहती है और हम इन समस्याओं का सामना तभी कर सकेंगे जब हमारे अन्दर कॉन्फिडेंस होगा.

सिर्फ समस्याओं का सामना करने में ही नहीं बल्कि लाइफ में ऐसे हज़ारों काम हैं जिन्हें करने के लिए कॉफिडेंट होना ज़रूरी है. अगर आपके अन्दर कॉन्फिडेंस कि कमी है तो शायद आप किसी से बात भी नहीं कर सकते.

कभी-कभी ऐसा भी होता है कि काबिलियत होते हुए भी हम कुछ चीज़ों को खो देते हैं क्यूंकि कभी-कभी काबिलियत से ज्यादा कॉन्फिडेंस कि ज़रुरत होती है.

तो चलिए अब बात करते हैं कुछ ऐसे बेसिक तरीकों की जो हैं तो बहुत साधारण लेकिन आपकी लाइफ असाधारण परिवर्तन ला सकती हैं.

1. पोज़िटिव क्वालिटीज़ पर फोकस करें

कॉन्फिडेंस लेवलअगर किसी छोटे बच्चे को हमेशा एक ही बात बोली जाए कि वो बुरा है तो बहुत ही जल्द वो इस बात को मान लेगा कि वो सच में बुरा है. ठीक ऐसा ही हमारे दिमाग के साथ होता है। हम जैसा खुद के बारे में सोचते हैं वैसा ही बन भी जाते हैं.

इसलिए कभी अपने आप के बारे में नेगेटिव मत सोचें। बुराईयाँ या नेगेटिविटी तो हम सभी के अन्दर होती हैं लेकिन आपको नेगेटिविटी पर नहीं बल्कि अपनी पोज़िटिव क्वालिटीज़ पर फोकस करना चाहिए.

जब आपको अपनी अच्छाइयों के बारे में पता चलेगा तो आप खुद कॉफिडेंट महसूस करने लगेंगे. अगर आप इस बात को मान लेते हैं कि आप कॉफिडेंट हैं तो लोग भी इस बात को बहुत जल्द मान लेंगे.


2. स्वयं को गले लगायें

कॉन्फिडेंस लेवलखुद को कभी किसी से कम न समझें. आप जैसे हैं वैसे ही सही हैं। किसी और की तरह बनने की कोशिश कभी न करें. स्वयं को गले लगाने का मतलब है कि आप सबसे पहले स्वयं को स्वीकार कीजिये. अपने लिए अपने ही मन में कोई हीन भावना मत रखिये. जब तक आप खुद को पसंद नहीं करेंगे, लोग आपको कैसे पसंद करेंगे?

हर इंसान की अपनी अलग क्वालिटी होती है और आपकी भी है। बस उसे पहचानने की ज़रुरत है. यदि कोई व्यक्ति या किसी के तौर तरीके आपको अच्छे लगते हैं तो उनसे कुछ इंस्पिरेशन लीजिये लेकिन उनकी तरह बनने का प्रयास मत कीजिये.


3. मेडिटेशन की प्रैक्टिस करें

कॉन्फिडेंस लेवलअपने कॉन्फिडेंस लेवल को बढाने के लिए हमें किसी और को नहीं बल्कि खुद को समझने कि ज़रुरत है. जितना ज़्यादा आप खुद को समझेंगे उतना ही ज़्यादा आप कॉन्फिडेंट भी महसूस करेंगे. और खुद को समझने और अपने ध्यान को केन्द्रित करने का एक सबसे अच्छा साधन मेडिटेशन है.

मेडिटेशन का हमारे मन, मस्तिष्क और शरीर पर बहुत ही सकारात्मक असर होता है. जो हमारी मानसिक क्षमता को बढ़ाकर हमारे अन्दर नए स्किल्स भी डेवेलप करता है.

इसलिए अपनी लाइफ को और बेहतर बनाने के लिए और खुद को दुनिया के सामने अच्छे से प्रेजेंट करने के लिए नियमित रूप से मेडिटेशन कि प्रैक्टिस ज़रूर करें.

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